Benefits of Neem oil and Neem- Know whole information in hindi.

Daily Hindi Education: जानिए नीम के अमूल्यवान फायदे । नीम के फायदे। नीम के क्या-क्या फायदे हैं ।


नीम का पेड़ एक ऐसा पेड़ है जिसे आप हर जगह बड़ी आसानी से देख सकते हैं । नीम का पेड़ आपको आपके घर के आसपास भी देखने को मिल जाएगा। यदि आपके घर में नीम का पेड़ है तो आप बहुत ही ज्यादा भाग्यशाली हो क्योंकि यह पेड़ छांव देने के साथ-साथ 70 से ज्यादा बीमारियों की दवा है । घर के आसपास नीम का पेड़ होने के बावजूद भी आप इसके अमूल्यवान फायदों से अपरिचित हैं । विज्ञान वालों तथा हमारे बुजुर्गों द्वारा बताया जाता है कि केवल नीम का पेड़ ही एक ऐसा पेड़ है जो कि 70 से अधिक बीमारियों की दवा है । 
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नीम क्या है और यह दिखने में कैसा होता है ?


 नीम का पेड़ एक भारतीय पेड़ है। जिसे अंग्रेजी में ( Margossa tree, Melia indica,Azaadirachta indica)  कहा जाता है । नीम के अमूल्यवान गुणों के कारण भारतीय गांवों में इसे गांव का दवाखाना भी कहा जाता है। 
  

                     विशेषताएं

स्वाद : नीम का पेड़ खाने में कड़वा होता है ।


रंग    : इसके पत्तों का रंग हरा ( dark green )होता है और इसकी छाल का रंग ( light brown ) होता है और इसकी फुलकों का रंग ( Light green ) तथा ( shiny light brown ) होता है ।

छांयादार : नीम का पेड़ एक छायादार पेड़ है जिसे कई लोग छांव के लिए प्रयोग करते हैं ।

ऊंचाई : नीम का पेड़ एक बहुत तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है। जोकि 15 से 20 मीटर यानी 50 से 60 फुट तक की ऊंचाई तक बढ़ सकता है और कभी-कभी 35 से 40 मीटर  यानी 115 से  131 फुट  की ऊंचाई तक बढ़ जाता है ।

चौड़ाई : इसका तनाव सीधा और छोटा होता है और व्यास में 1.2 मीटर तक का होता है। इसकी छाल दरार युक्त तथा कठोर होती है। 

पत्तियां : इसकी पत्तियां हरि कथा कड़वी होती हैं जोकि 8 से 16 इंच ( 20-40 cm ) तक की लड़ियों में समाई हुई होती हैं । इसकी प्रत्येक लेडी में 20 से 31 पत्ते होते हैं ।
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          जानिए नीम के ये  बड़े फायदे  ।

नीम के पेड़ में कई प्रकार के औषधीय गुण छुपे होते हैं । इस पेड़ की पत्तियों से कई तरह की बीमारियों का इलाज किया जाता है । गांव के लोग इसे कई प्रकार की बीमारियों में इस्तेमाल करते हैं और सुबह टहलते वक्त इसकी टहनी से दातुन करते हैं और इसकी पत्तियों को खाली पेट चबाते हैं । 
चलिए जान लेते हैं नीम की पत्तियों के ए मूल्यवान फायदे।


      नीम का प्रयोग करने से पिंपल्स रहेंगे हमेशा दूर ।

पिंपल्स की समस्या से बहुत लोग परेशान रहते हैं यह लोग पिंपल्स की बीमारी से हर वक्त शर्मिंदगी महसूस करते हैं । पिंपल्स की बीमारी आपकी त्वचा को खराब कर देती है ।  
जिससे लोगों के मन में त्वचा को लेकर कई सवाल उठते हैं। 
त्वचा पर पिंपल्स कई कारणों से निकलती है जैसे कि खून का गंदा होना, शरीर में गर्मी होना, चेहरे पर पसीना के कारण और अन्य कारण पिंपल्स को जन्म देते हैं।
यदि आप भी पिंपल्स की बीमारी से परेशान है तो हर रोज सुबह नीम की फुल्कें  खाना शुरू कर दें क्योंकि नीम की फुलकों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है यह एंटीऑक्सीडेंट गुण आप के गंदे खून को साफ करने में मदद करता है और चेहरे को चमकदार  और साफ बनाता है।
यदि आपके चेहरे पर पिंपल्स हो रही है तो आपको चाहिए कि प्रतिदिन नीम की फुल्कों को तोड़कर लाएं और उन्हें अच्छी तरह पीसकर पिंपल्स के ऊपर लगा ले यही प्रक्रिया 6 से 7 दिन करें । इसे करने से आपकी पिंपल्स बिल्कुल साफ हो जाएंगी और आपके चेहरे पर एक भी दाग धब्बा नहीं बचेगा चेहरा चमकदार और साफ हो जाएगा।

मोती जीरा ( Typhoid ) से मिले छुटकारा ।

मोती जीरा ( Typhoid ) एक प्रकार की बीमारी है । जिससे मनुष्य हर वक्त थकान महसूस करता है । इस बीमारी में मनुष्य को बुखार से छुटकारा नहीं मिलता । मोती जीरे मे मनुष्य की प्लेट्स (  Platelets ) दिन प्रतिदिन कम होती जाती हैं । मोती जीरे में मनुष्य के अंदर छोटे छोटे दाने पड़ जाते हैं जोकि मोती जीरे से जल्द ही छुटकारा नहीं मिलने देते । नीम   में कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं जोकि इन दानों को खत्म कर देते हैं ।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन दानों को खत्म करने के लिए नीम की पत्तियों से व्यक्ति को झाड़ा लगाते हैं।
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  पीलिया ( Yellow Fever ) में नीम होता है फायदेमंद ।

पीलिया जिसे अंग्रेजी में Yellow fever कहा जाता है । यह एक प्रकार की बीमारी है । इस बीमारी में व्यक्ति हर वक्त थका हुआ महसूस करता है । इस बीमारी में व्यक्ति के लिए छोटा सा कार्य करना भी बड़ा मुश्किल होता है क्योंकि इस बीमारी के अंदर व्यक्ति को हर वक्त चक्कर आते हैं तथा यह बीमारी व्यक्ति के खून की प्रक्रिया को बहुत तेजी से घटाती है और कुछ ही दिनों में व्यक्ति पीला पड़ जाता है इसलिए इसे पीलिया कहा जाता है।
ग्रामीण क्षेत्र में इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हकीम पीलिया से पीड़ित व्यक्तियों को एक माला देते हैं जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में गंडा कहा जाता है तथा उसे बांधने के बाद  व्यक्ति को नीम की पत्तियों से झाड़ा लगाया जाता है ।

               खून को रखे साफ ।

खून का ताजा तथा स्वस्थ व साफ रहना बहुत ही जरूरी है ।
यदि आपका खून स्वास्थ्य व साफ है तो आप कई प्रकार की बीमारियों से बच रहे हैं । खून के साफ ना रहने से शरीर में कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं जैसे कि त्वचा पर पिंपल्स तथा फुंसियों का होना, चेहरे पर तेल जैसा पसीना आना, और अन्य प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं ।
यदि आप प्रतिदिन सुबह खाली पेट नीम की फुलकों का सेवन करते हैं तो आपका खून हमेशा साफ रहेगा और कई प्रकार की बीमारियों से बचे रहोगे। जिन व्यक्तियों का खून गंदा होता है उन्हें चाहिए कि प्रतिदिन नीम की फुलकों का सेवन करें । 

       नीम का प्रयोग करने से पेट रहेगा साफ । 


कई व्यक्ति पेट साफ ना होने की शिकायत करते हैं । पेट साफ ना रहने से आपको कई प्रकार की समस्याएं होती रहती हैं । पेट के लिए नियम फाइबर से भी अच्छा स्त्रोत माना जाता है । यह आपके पेट को साफ रखता है तथा पेट में पैदा होने वाली गैस से भी छुटकारा दिलाता है । नीम की छाल और तथा पत्तियों से पेट की सफाई के लिए चूर्ण तैयार किया जाता है।

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